‘फेसबुक’ द्वारा सनातन संस्था के ‘फेसबुक’ खाते के ५ पृष्ठ और ‘इंस्टाग्राम’के २ खातों पर प्रतिबंध !

  • यह फेसबुक का हिन्दूद्वेष ही है ! आतंकी और उनके संगठनों के फेसबुक पृष्ठों पर प्रतिबंध लगाने के स्थान पर हिन्दू धर्म का शास्त्रीय भाषा में प्रसार करनेवाली सनातन संस्था के लेखन को ‘आपत्तिजनक’ साबित करना तो ‘गधा खेत खाए और जुलाहा मारा जाए’ जैसा कृत्य है ! 
  • भविष्य में यदि हिन्दू फेसबुक का बहिष्कार कर उसे सबक सिखाएं, तो आश्चर्य नहीं होगा ! 
  • केंद्र सरकार को इसमें ध्यान देकर ‘फेसबुक’के विरुद्ध कार्यवाही करना अपेक्षित !

मुंबई – ‘फेसबुक’ द्वारा प्रखर हिन्दुत्वनिष्ठ तथा भाजपा विधायक टी. राजासिंह, जिनका फेसबुक पेज ही नहीं था, उसपर प्रतिबंध लगानेवाले फेसबुक ने सनातन संस्था के अधिकृत ५ ‘फेसबुक पेजेस’ (पृष्ठ) और २ ‘इंस्टाग्राम’ खातोंपर प्रतिबंध लगाया है । साथ ही कुछ साधकों के व्यक्तिगत फेसबुक खातों पर भी प्रतिबंध लगाया है ।

 

‘फेसबुक’ ने सनातन संस्था तथा अन्य
हिन्दुत्वनिष्ठों के फेसबुक और इंस्टाग्राम खातोंपर लगाया प्रतिबंध

१. ३ सितंबर २०२० की मध्यरात्रि को अध्यात्मप्रसार का कार्य करनेवाले ‘सनातन संस्था मराठी’ और ‘सनातन संस्था अंग्रेजी’, साथ ही ‘सनातन संस्था आधिकारिक प्रोफाइल पेज’ इन ३ पेजेसपर प्रतिबंध लगाया गया है ।

२. ४ सितंबर २०२० को तेलंगाना राज्य के भाग्यनगर के भाजपा विधायक तथा प्रखर हिन्दुत्वनिष्ठ श्री.राजासिंह ठाकुर के ‘फेसबुक’ और ‘इंस्टाग्राम’ पृष्ठ पर प्रतिबंध लगाया गया था ।

३. ५ सितंबर २०२० को ‘सनातन संस्था कन्नड’ और ‘सनातन संस्था बेलगांव’ के ‘पेजेस’ बंद की दिए गए ।

४. सनातन संस्था के ‘फेसबुक पेजेस’के माध्यम से अध्यात्म का प्रसार करनेवाले सभी साधकों के व्यक्तिगत ‘फेसबुक’खाते भी बंद कर दिए गए हैं । फलस्वरूप संपूर्ण संसार में अध्यात्मप्रसार और धर्मप्रसार के कार्य में बाधा उत्पन्न हुई है ।

५. कुछ दिन पूर्व हिन्दुत्वनिष्ठ संपादक श्री. सुरेश चव्हाणके द्वारा संचालित ‘सुदर्शन न्यूज’ का ‘फेसबुक पेज’ भी इसी प्रकार से बंद किया गया ।

६. राष्ट्रवादी तथा हिन्दुत्वनिष्ठ ‘न्यूज पोर्टल’ ‘OpIndia’ का ‘फेसबुक पेज’ भी बंद किया गया है ।

७. वर्ष २०१२ में ‘फेसबुक’ द्वारा हिन्दू जनजागृति समिति के अधिकृत ‘फेसबुक पेज’पर लगाया गया प्रतिबंध अभी तक नहीं हटाया गया है ।

ये कुछ गिनेचुने उदाहरण हैं । ऐसे अनेक हिन्दू नेता और संगठन होंगे, जिनके ‘फेसबुक पेजेस’ बंद किए जा चुके होंगे ।

स्त्रोत : दैनिक सनातन प्रभात