


मुख श्वेतसा पीला व प्रभामंडल गहरा और गुलाबी होना : वर्ष २०१६ में मुख श्वेतसा पीला व जरासा अस्पष्ट होना, निर्गुण तत्त्व की ओर होते मार्गक्रमण का दर्शक है । अनिष्ट शक्तियों के साधकों पर होते आक्रमण का सामना करने हेतु निर्गुण तत्त्व बढा है । प्रभामंडल गहरा व गुलाबी होना, धर्मप्रसार हेतु आवश्यक कार्यकारी शक्ति प्रकट होने का निर्देशक है । – पू. (श्रीमती) अंजली गाडगीळ, सनातन संस्था.
ग्रंथवाचन एवं ग्रंथों के लिए चिन्हित कतरनों से सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी का ध्यान...
परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी द्वारा स्नान के लिए उपयोग में लाए ‘मग’में काफी मात्रा में...
परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी की देह, उनके द्वारा उपयुक्त वस्तु एवं साधक के पूजाघर में...
अनुपम प्रीति से सभी को एकसमान ईश्वरप्राप्ति के धागे में पिरोनेवाले परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी...
सजीव प्रतीत होनेवाले एवं चैतन्य की अनुभूति देनेवाले नागोठणे (जिला रायगढ) के सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ....