भिंड – शहर में भगवान शिव का करीब ९०० वर्ष पुराने वनखंडेश्वर मंदिर में स्थापना के बाद से ही अखंड ज्योति जल रही है। ऐसी मान्यता है कि भोलेनाथ यहां भोलेनाथ जागृत अवस्था में रहते हैं। शहर में तेज वर्षा के दौरान यहां मंदिर में पानी भर गया, जिसमें शिवलिंग भी डूब गया। किंतु मंदिर के अंदर अखंड ज्योत के पहले के पास पहुंचने से पहले ही वर्षा थम गई।
पुजारी का दावा है कि, मंदिर की सामग्री में से कुछ भी पानी के साथ मंदिर के बाहर नहीं गया। इस तरह की वर्षा इससे पहले कभी इस क्षेत्र में नहीं हुई थी। लोगों की माने तो पहले कभी इस मंदिर में पानी अंदर नहीं आ पाया था और न ही यह शिवलिंग कभी जलमग्न नहीं हुआ था।
पानी दीपकों तक पहुंच चुका था कि अचानक वर्षा बंद हो गई और पानी कम होने लगा। मंदिर में पानी भरने के बाद भी अखंड दीप जलते रहे। इसे गांव के लोग और अन्य श्रद्धालु भगवान शिव का चमत्कार मान रहे हैं।
यहां है मंदिर
यहां मंदिर की स्थापना के बाद से ही जल रही है अखंड ज्योति प्रज्वलित है। भिंड शहर के गौरी सरोवर के पास यह मंदिर है। आसपास कई और मंदिरों के अवशेष दिखाई देते हैं।
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