‘सनातन संस्था में कार्य करनेवाले युवक हिन्दू समाज और हिन्दू राष्ट्र की शक्ति हैं !’ – महामंडलेश्‍वर आचार्य श्री स्वामी प्रणवानंद सरस्वती

महामंडलेश्‍वर आचार्य श्री स्वामी प्रणवानंद सरस्वती (बैठे हुए) को ग्रंथ भेंट कर सम्मानित करते हुए सद्गुरु (डॉ.) चारुदत्त पिंगळेजी

प्रयागराज (कुंभनगरी, उत्तर प्रदेश) : सनातन संस्था में कार्य करनेवाले युवक संकल्पबद्ध हैं तथा वे हिन्दू समाज और हिन्दू राष्ट्र की शक्ति हैं । हिन्दू राष्ट्र का उज्ज्वल भविष्य है । शीघ्र ही हम हिन्दू राष्ट्र के संकल्प को साकार करेंगे । मथुरा-वृंदावन के महामंडलेश्‍वर आचार्य श्री स्वामी प्रणवानंद सरस्वती ने १२ फरवरी को ऐसा प्रतिपादित किया ।

सनातन संस्था एवं हिन्दू जनजागृति समिति की ओर से कुंभनगरी में लगाई गए ग्रंथ एवं धर्मशिक्षा फलक प्रदर्शनियों के अवलोकन के पश्‍चात वे ऐसा बोल रहे थे । इस अवसरपर हिन्दू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय मार्गदर्शक सद्गुरु (डॉ.) चारुदत्त पिंंगळेजी ने माल्यार्पण कर और ग्रंथ भेंट कर उन्हें सम्मानित किया । इस अवसरपर समिति के उत्तर-पूर्व भारत मार्गदर्शक पू. नीलेश सिंगबाळजी, साथ ही समिति के महाराष्ट्र एवं छत्तीसगढ राज्य के संगठक श्री. सुनील घनवट भी उपस्थित थे ।

इस अवसरपर महामंडलेश्‍वर आचार्य श्री स्वामी प्रणवानंद सरस्वती ने कहा, ‘‘इस प्रदर्शनी को देखनेपर सनातन संस्था के कारण राष्ट्र एवं धर्म का सर्वांगीण विकास होगा, यह बात ध्यान में आती है । हिन्दू समाज, संस्कृति और परंपरा, इस राष्ट्र की अंतरात्मा है; इसलिए इसका संवर्धन करना आवश्यक है । छत्रपति शिवाजी महाराज ने हिन्दवी स्वराज्य का सपना देखा और पेशवाओ ने उसका विस्तार किया । अब उसी संकल्प को पूर्ण करने का कार्य जो अनेक संगठन कर रहे हैं, उनमें सनातन संस्था इस कार्य को विशुद्ध भावना के साथ कर रही है । इस कार्य के लिए हमारे आशीर्वाद और शक्ति आपके साथ हैं ।

‘प्रयागस्य प्रवेश तु पापं नश्यति तत्क्षणात् ।

– मत्स्यपुराण, अध्याय १०४, श्‍लोक १२

अर्थ : प्रयाग में केवल प्रवेश करने से ही पापों से तत्काल मुक्ति मिलती है ।

स्रोत : दैनिक सनातन प्रभात

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“Satpatre daanam”