साक्षीभाव, स्थिरता तथा नम्रता, इन गुणों से युक्त सनातन के आश्रम में रहनेवाले बलभीम येळेगाकर दादाजी ८२वें संत के रूप में संतपदपर विराजमान !

गुरुमाऊली द्वारा सभी को दीपावली का आनंददायक भावउपहार प्रदान !

३ साधिकाआें ने भी प्राप्त किया ६१ प्रतिशत आध्यात्मिक स्तर !

संतपदपर विराजमान होने के पश्‍चात पू. बलभीम येळेगावकर की भावमुद्रा
सम्मान समारोह के पश्‍चात बाईं ओर से श्रीमती अनुराधा मुळ्ये, पू. बलभीम येळेगावकर दादाजी, श्रीमती संध्या जामदार तथा पीछे खडीं श्रीमती जया साळोखे

देवद के सनातन के आश्रम में ५ नवंबर २०१८ को संपन्न एक भावसमारोह में सनातन की संत पू. (श्रीमती) अश्‍विनी पवारजी ने आश्रम के साधक श्री. बलभीम येळेगावकर (आयु ८४ वर्ष) संतपदपर विराजमान होने की घोषणा की । वे सनातन के ८२वें संत बन गए हैं । इस शुभसमाचार के साथ इसी समारोह में आश्रम में सेवा करनेवाली साधिका श्रीमती अनुराधा मुळ्ये, श्रीमती जया साळोखे तथा श्रीमती संध्या जामदार इन ३ साधिकाआें ने भी ६१ प्रतिशत आध्यात्मिक स्तर प्राप्त किए जाने की घोषणा की गई । सनातन के संत पू. रमेश गडकरीजी ने पू. बलभीम येळेगावकरजी को सम्मानित किया । इस अवसरपर पू. बलभीम येळेगावकरजी तथा ३ साधिकों ने भी अपना मनोगत व्यक्त किया । तत्पश्‍चात उनके परिजन तथा उनके साथ सेवा करनेवाले साधकों ने भी अपना मनोगत व्यक्त किया । इस कार्यक्रम में परात्पर गुुरु पांडे महाराज, पू. गुरुनाथ दाभोलकरकाका, पू. देशपांडे दादाजी, पू. सदाशिव (भाऊ) परबजी, पू. उमेश शेणैजी, पू. सत्यवती दळवीदादीजी तथा पू. (डॉ.) मुकुल गाडगीळजी की वंदनीय उपस्थिति थी ।

स्रोत : दैनिक सनातन प्रभात