
नगर जिले के पाथर्डी गांव से १७ किलोमीटर के अंतर पर आव्हाणे बुद्रूक नामक गांव है । अवनी नदी के तट पर बसे इस गांव का श्री गणेशमंदिर प्रसिद्ध है । यहां श्री गणेशमूर्ति निद्रावस्था में विराजमान और दक्षिणोत्तर है । महाराष्ट्र में ऐसी दुर्लभ मूर्ति अन्यत्र कहीं भी नहीं है । अष्ट विनायकों में से एक स्थान मोरगांव के गणपति के अंशात्मक स्थान के रूप में ये गणपति पहचाने जाते हैं ।

सिक्किम में ‘गणेश टोक’ नामक जागृत मंदिर के श्रीचित्शक्ति (श्रीमती) अंजली मुकुल गाडगीळ ने लिए...
कलियुग के दोष नष्ट करने के लिए तपस्या करनेेवाले ऋषिगणों के विघ्न हरण करनेवाला इडगुंजी...
श्रीकृष्णजी का क्षेत्र गुजरात के प्राचीन गणपति मंदिर की विशेषता एवं महत्त्व !
नगर जनपद के श्रद्धास्थान २०० वर्ष प्राचीन ‘श्री विशाल गणपति’ !
स्वयंभू गणेशमूर्ति
अष्टविनायक