कृष्ण जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर सनातन संस्था की वेबसाइट के नेपाली संस्करण का शुभारंभ !

११ अगस्त के दिन कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर ऑनलाइन कार्यक्रम के माध्यम से सनातन संस्था की नेपाली संस्करण वेबसाइट का लोकार्पण किया गया ।

आपातकालमें जीवनरक्षा हेतु आवश्यक तैयारी : भाग – ८

इस लेख में हम अनाज के भंडारण के विषय में समझेंगे । वर्षा ऋतु आरंभ हो जाने के कारण खरीदा हुआ अनाज सुखाया नहीं जा सकता । ऐसी स्थिति में उन्हें खराब होने से बचाने के लिए कुछ अन्य उपाय किए जा सकते हैं ।

नवम ‘अखिल भारतीय हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन’ का उत्साहपूर्ण वातावरण में समापन !

हिन्‍दू धर्म पर होनेवाले वैचारिक आक्रमणों का सामना करने के लिए वैचारिक क्षत्रियों की नितांत आवश्‍यकता है ! – पू. स्‍वामी गोविंददेवगिरी महाराज
हिन्दुओ, अब काशी, मथुरा और हिन्दू राष्ट्र स्थापना हेतु सक्रिय हो जाओ ! – विधायक श्री. टी. राजासिंह

जलप्रलय की दृष्टि से भौतिक स्तर पर तैयारी करना / जलप्रलय से रक्षा की पूर्वतैयारी करना – भाग २

बाढ में परिवहन ठप रहता है । इसलिए उस काल में सब्जियां, दूध और भोजन उपलब्ध नहीं होते । अतएव, उनका पहले से संग्रह करना आवश्यक है ।

आपातकाल में व्यष्टि के साथ समष्टि साधना ही हमें पार उतार सकती है । – सद्गुरु (कु.) स्वाती खाड्ये, सनातन संस्था

सांगली और कोल्हापुर जिलों में धर्मप्रेमियों के लिए २८ जुलाई को सद्गुरु (कु.) स्वाती खाडयेजी का ‘ऑनलाईन’ मार्गदर्शन आयोजित किया गया ।

नवम अखिल भारतीय हिंदु राष्‍ट्र अधिवेशन का छठा दिन

अंग्रेजी शिक्षा के मोहवश कुछ हिन्दू अभिभावक अपने छोटे बच्चों को ईसाई विद्यालय में भरती करते हैं । यहीं से धर्मांतरण प्रारंभ होता है ।

‘ऑनलाइन’ नवम अखिल भारतीय हिन्‍दू राष्‍ट्र अधिवेशन का पांचवे दिन ‘मंदिर रक्षा अभियान’ विषय पर उद़्‍बोधन सत्र

आंध्रप्रदेश और तेलंगाना में ‘एण्डोवमेंट एक्ट’के माध्यम से मंदिरों की संपत्ति हडपना जारी है । मंदिरों की लाखों एकड भूमि गायब हो गई है अथवा कुछ भूमि का उपयोग सरकारी कामोंके लिए किया गया है ।

‘गणेशमूर्ति मिट्टी की ही क्यों होनी चाहिए ?

‘धर्मशास्त्र के अनुसार खडियामिट्टी की मूर्ति पूजन करने पर आध्यात्मिक स्तर पर उसका अत्यधिक लाभ मिलता है’, ऐसा हिन्दू धर्मशास्त्रीय ग्रंथ में बताया गया है ।

आपात्काल में गणेशोत्सव कैसे मनाना चाहिए ?

‘आजकल पुरे विश्‍व में कोरोना महामारी के कारण सर्वत्र ही लोगों के बाहर निकलने पर अनेक बंधन लगे हैं । भारत के विविध राज्यों में भी यातायात बंदी (लॉकडाउन) लागू है ।