विकार-निर्मूलन और साधना की बाधाआें पर उपयुक्त : सर्वबाधानाशक यंत्र !

बार-बार बीमार होने अथवा चोट लगने के कारण साधना में बाधाएं आना, आध्यात्मिक कष्ट होना अथवा सेवा करते समय सेवासंबंधी उपकरण, वाहन इत्यादि बंद पडना अथवा अन्य बाधाएं आना आदि पर यह यंत्र उपयुक्त है ।

ईश्‍वरीय चैतन्य से सर्व देह चैतन्यमय बनाने के लिए पू. राजेंद्र शिंदेजी ने दी एक अभिनव उपचारपद्धति !

१. मानस सर्व देहशुद्धि का अभिप्रेत अर्थ यहां सर्व देहशुद्धि, अर्थात स्थूलदेहसहित मनोदेह (मन), कारणदेह (बुद्धि) और महाकारणदेह (अहं) इन सूक्ष्मदेहों की शुद्धि । २. मानस सर्व देहशुद्धि का अध्यात्मशास्त्रीय आधार २ अ. संतों के संकल्प से लाभ ! यह मानस सर्व देहशुद्धि साधना-पद्धति सनातन के छठे संत पू. राजेंद्र शिंदेजी ने बताई है । … Read more

सनातनके आस्थाकेन्द्र प.पू. भक्तराज महाराजजीद्वारा स्वरबद्ध चैतन्यमय नामधुन

सनातन संस्थाके आस्थाकेन्द्र प.पू. भक्तराज महाराजजीको उनके सर्व भक्त बाबा कहते थे । श्री अनंतानंद साईश, प.पू. बाबाके गुरु थे । भजन, भ्रमण एवं भण्डारा; यही बाबाका जीवन था । लाखों कि.मी. भ्रमण कर उन्होंने अनेक लोगोंमें अध्यात्मके प्रति रूचि उत्पन्न की । प.पू. बाबाने १७.११.१९९५ को इन्दौरमें देहत्याग किया ।