प्रवचन, व्याख्यान और वर्तमान घटनाक्रम पर ग्रन्थ लिखने में जिनका…

‘प्रवचन, व्याख्यान और वर्तमान घटनाक्रम पर ग्रन्थ लिखने में जिनका जीवन व्यतीत होता है, उनका नाम और कार्य उनके जीवित रहने तक रहता है । इसके विपरीत जो शोध कार्य करते हैं उनका नाम और कार्य अगली अनेक पीढ़ियों को भी ज्ञात होता है ।’ -(परात्पर गुरु) डॉ. जयंत आठवले

घरानेशाही की न्यायव्यवस्था देनेवाला लोकतंत्र क्या कभी न्याय देगा ?

हम जोधपुर, राजस्थान के एक अधिकक्ता से भेंट करने गए थे । उस समय उन्होंने हमें न्यायाधीश के विषय में किए गए एक सर्वेक्षण की जानकारी दी । उन्होंने कहा कि लगभग ३५० से अधिक न्यायाधीश ऐसे हैं कि जिनकी दो-तीन पीढियां न्यायाधीश अथवा न्यायालय से संबंधित उच्च पदों पर है । यह कोई योगायोग … Read more