आश्रम की बढती सात्त्विकता की प्रतीति देनेवाले दैवी परिवर्तन !

परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी का चैतन्यदायी निवास, साधकों का भक्तिभाव, अखंड चल रहे राष्ट्र एवं धर्म संबंधी कार्य तथा साधनामय वातावरण के कारण आश्रम की सात्त्विकता दिन-प्रतिदिन बढती जा रही है । इसकी अनुभूति साधकों को प्रतिदिन हो रही है । आश्रम की सात्त्विकता की प्रतीति देनेवाले दैवी परिवर्तनों के आगे दिए कुछ उदाहरण देखें, तो यही अनुभव होता है कि ईश्‍वर सनातन पर कितनी कृपा बरसा रहे हैं । यह आश्रम में ईश्‍वरीय राज्य ही अवतरित होने का सूचक है ।

साधकों के भक्तिभाव से सजीव हुआ भगवान श्रीकृष्ण का चित्र

 

दत्तमालामंत्र के पठन से अपनेआप उगे गूलर के पौधे

 

द्वार के शीशे में मूल रेलिंग से भी सुस्पष्ट दिखता रेलिंग का प्रतिबिंब

 

अनेक स्थानों पर फर्श पर ॐ उभरे हैं और फर्श पर प्रतिबिंब भी दिखता है ।

 

आश्रम के प्रवेशद्वार से लगे वृक्ष पर आश्रम की दिशा में अधिक आम लगते हैं ।

 

रामनाथी आश्रम परिसर में एक संत के कक्ष के सामने गूलर वृक्ष को आए पत्ते अधिक हरे-भरे दिखाई देना !

 

आश्रम के चैतन्य का एक दृश्य परिणाम !

दिनांक १.११.२०१६ को सनातन के रामनाथी आश्रम में दीपावली के निमित्त लगाए मिट्टी के दीयों की ज्योति का रंग पीला होते हुए भी इन दीयों की ज्योति से आश्रम पर लालिमा युक्त प्रकाश फैला !