पहला प्रवचन : आनंदमय जीवन और आपातकाल की दृष्टि से अध्यात्म का महत्त्व
दिनांक : रविवार, ११ अक्टूबर २०२०

* नित्य के भाग-दौडभरे जीवन में तथा वर्तमान में जारी कोरोना समान आपदा में अध्यात्म का महत्त्व क्या है ?
* पितृदोष क्या है और उसका निवारण कैसे करना चाहिए ?
* जीवन को आनंदमय बनाने के लिए कौन-सी साधना करनी चाहिए ?
ऐसे, दैनिक जीवन में उपयोगी विषयों पर ऑनलाईन प्रवचन आयोजित किए गए हैं । सब जिज्ञासु बंधु-भगिनी इससे लाभ लें, यह विनती ।
| भाषा | समय | यू ट्यूब लिंक |
| १. मराठी | दोपहर ४ से ५ | Youtube.com/Dharmashiksha |
| २. हिन्दी | सायं ६ से ७ | Youtube.com/HJSUttarBharat |
| ३. कन्नड | सायं ६.३० से ७.३० | Youtube.com/SSKarnataka |
| ४. गुजराती | दोपहर ४.३० सेे ५.३० | Youtube.com/HJSUttarBharat |
| ५. तमिल | सायं ६ से ७ | Youtube.com/HJSTamil |
| ६. मल्यालम | सवेरे ११.३० से १२.३० | Youtube.com/HJSKeralam |
| ७. तेलुगु | सायं ६ से ७ | Youtube.com/TeluguHJS1 |
| ८. बंगला | सायं ५ से ६ | Youtube.com/HJSNorthEastBharat |
| ९. अंग्रेजी | दोपहर ४ से ५ | Youtube.com/ssenglish |
आध्यात्मिक उपचारों के संदर्भ में यह ध्यान रखें !
साधको, वर्तमान आपातकाल में रात्रि के समय व्यक्तिगत वाहन से लंबी दूरी की यात्रा करने...
सनातन संस्था की बबिता गांगुली को ‘मातृभूमि सम्मान’ पुरस्कार प्रदान !
सनातन संस्था के नाम से आनेवाले फर्जी ई-मेल से सावधान रहें !
अर्पणदाताओ, गुरुपूर्णिमा के उपलक्ष्य में धर्मकार्य हेतु धन अर्पित कर गुरुतत्त्व का लाभ लो !
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