लौकी और कडवी लौकी के औषधीय उपयोग

लौकी एक उपयुक्त सब्जी है । लौकी का रस का सेवन कर वजन कम करें’, यह सुनकर आजकल वजन कम करने के लिए लोग ऐसा कर रहे हैं; परंतु सभी को वैसा करना योग्य नहीं । आयुर्वेद में कोई भी प्रयोग करने से पहले उस क्षेत्र के तज्ञ वैद्यों से पूछकर ही करना चाहिए ।

 

१. लौकी

वैद्य विलास शिंदे

१ अ. लौकी से बनाए जानेवाल कुछ पदार्थ

१ अ १. हलवा

लौकी कद्दूकस कर देशी घी में हलका-सा भून लें । फिर उसके पकने पर उसमें दूध डालकर उसका मावा (खोवा) बनने तक औटाएं । तदुपरांत शक्कर डालकर उबाल आने दें । उपलब्धता के अनुसार काजू, बदाम, पिस्ता आदि डालें ।

१ अ २. बर्फी

कद्दूकस की हुई लौकी पका लें । फिर उसमें शक्कर का पाक कर उसमें दूध का मावा (खोवा), पकी हुई लौकी डालें । स्वाद के लिए इलायची, केशर, बादाम, काजू आदि डालकर उसकी बर्फी के आकार में काटें ।

१ अ ३. मोरब्बा

लौकी के टुकडे कर उसे उबाल लें और फिर उसे शक्कर के पाक में  डालें ।

१ अ ४. सब्जी

लौकी की सब्जी स्वाद में रुचिकर और पौष्टिक होती है ।

१ आ. लौकी के लाभ

१ आ १. पित्त के विकार कम होना और शरीर का विकास होना

लौकी की सब्जी और ज्वार की रोटी पित्त के लिए लाभदायी है । शरीर में विद्यमान उष्णता को दूर करने के लिए लौकी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है । इस सब्जी से मुंह का स्वाद अच्छा हो जाता है ।  रस (शरीर की एक द्रव धातु (घटक)), रक्त, मांस आदि शरीर के घटकों का अच्छा विकास होता है ।

१ आ २. गर्भपात टलना

लौकी के बीज पीसकर दूध शक्कर के साथ लें । जिन स्त्रियों का बार-बार गर्भपात होता है, उन्हें किसी वैद्य से इस उपचार के साथ-साथ पंचकर्म में बताए ‘बस्ती’ का उपचार भी लेना चाहिए ।

१ आ ३. गर्भ का विकास होना

गर्भवती महिला को लौकी के सर्व पदार्थ अवश्य खाने चाहिए । इससे शक्ति बढती है । गर्भ के विकास के लिए महिने में दो बार लौकी की सब्जी अवश्य खानी चाहिए ।

 

२. कडवी लौकी

कडवी लौकी को संस्कृत में ‘कटुतुंबी’ कहते हैं । लौकी के समान भी इसकी भी बेल होती है; परंतु कडवी लौकी का आकार बडा होता है । गांवों में कडवी लौकी पीठ पर बांधकर बच्चे तैरने जाते हैं । कडवी लौकी और उसके पत्ते जलाने से बनी राख औषधि होती है ।

२ अ. कडवी लौकी का औषधि उपयोग

२ अ १. पीलिया

कडवी लौकी के पत्तों का रस लेने से पेट साफ होकर पीलिया ठीक हो जाता है । कुछ लोग इसका गुदा पानी में पीसकर देते हैं । इससे जुलाब होता है, इसलिए वैद्य से परामर्श कर ही दें ।

२ अ २. शरीर में होनेवाली गांठें

देशी वैद्य कडवी लौकी में भरा पानी प्रतिदिन सवेरे २  ३ चम्मच लेने के लिए कहते हैं । अर्थात शरीर की गांठ घुलने लगती है । इसके पत्ते भी कूटकर गांठ पर लगाए जाते हैं ।

२ अ ३. अंग (गुदद्वार) बाहर आना

कुछ औषधियां कडवी लौकी के पत्ते पीस कर गुदद्वार पर लगाने से उसका अच्छा लाभ होता है ।

वैद्य विलास जगन्नाथ शिंदे, जिजाई आयुर्वेद चिकित्सालय, खालापुर, जिला रायगड.

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