श्राद्ध में की जानेवाली विविध क्रियाओं का अध्यात्मशास्त्र

यह लेेख पढकर आप श्राद्ध में की जानेवाली अनेक छोटी-छोटी क्रियाओं का अध्यात्मशास्त्र समझ सकेंगे । इससे ‘श्राद्धकर्म’ की श्रेष्ठता ज्ञात होगी ।

पिंडदान करने का अध्यात्मशास्त्र

‘पिंड लिंगदेह का  प्रतिनिधित्व करता है । जब लिंगदेह स्थूल देह से विलग होता है, वह वायुमंडल में मन के संस्कारों के अनेक आवरणसहित बाहर आता है । आसक्तिदर्शक घटकों में अन्न का सहभाग सर्वाधिक होता है ।