सनातन संस्था और हिन्दू जनजागृति समिति को दोषी कहना अन्यायपूर्ण !
पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या के प्रकरण में कुछ समय पूर्व ही पुलिस ने पूरक आरोपपत्र प्रस्तुत किया है और कुछ माध्यमों ने चर्चा प्रारंभ कर दी है कि इसमें सनातन संस्था का नाम है ।
पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या के प्रकरण में कुछ समय पूर्व ही पुलिस ने पूरक आरोपपत्र प्रस्तुत किया है और कुछ माध्यमों ने चर्चा प्रारंभ कर दी है कि इसमें सनातन संस्था का नाम है ।
‘श्री भृगु महर्षिजी की आज्ञा से परात्पर गुुरु डॉ. आठवलेजी को स्वास्थ्यपूर्ण दीर्घायु प्राप्त हो, हिन्दू राष्ट्र की स्थापना में उत्पन्न अनिष्ट शक्तियों की बाधाएं दूर हों, साथ ही साधकों के कष्ट दूर हों, इसके लिए यहां के सनातन आश्रम में ७ नवंबर को शूलिनी पराक्रम यंत्र की स्थापना और पूजन कर उसके पश्चात हवन किया गया ।
हिन्दू राष्ट्र की स्थापना के कार्य में उत्पन्न सभी बाधाएं दूर हों तथा इस कार्य में सहभागी साधकोंसहित सभी हिन्दुत्वनिष्ठों के शारीरिक, मानसिक तथा आध्यात्मिक कष्ट दूर हों, साथ ही सभी का आयुवर्धन हो, यह संकल्प लेकर महर्षि भृगुजी की आज्ञा के अनुसार यहां के सनातन के आश्रम में २१ अक्टूबर २०१८ को भावपूर्ण वातावरण में सौरयाग संपन्न हुआ ।
जगन्नाथजी के परमधाम में विद्यमान परममंगल चैतन्यमय वातावरण का अनुभव करने के लिए देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पुरी जाते हैं और जगन्नाथजी के रूप का दर्शन कर अपने नेत्रों की तृष्णा शांत कर लेते हैं ।
भारत की क्षेत्रपालदेवता ‘कालभैरव’ श्री क्षेत्र काशी में ‘स्वर्णकालभैरव’ के रूप में विराजमान हैं । पृथ्वीपर कुल ५१ शक्तिपीठ हैं ।
डॉ. नरेंद्र दाभोलकर, र्का. पानसरे, प्रा. कलबुर्गी तथा पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या में सहभागी सनातन कार्यकर्ताआें को पुलिस विभाग ने पकडा है ।
परात्पर गुुरु डॉ. आठवलेजी को स्वास्थ्यमय दीर्घायु प्राप्त हो, हिन्दू राष्ट्र स्थापना के कार्य के लिए सभी देवताआें के आशीर्वाद प्राप्त हों, इस संकल्प को लेकर महर्षिजी ने पू. डॉ. उलगनाथन्जी के माध्यम से बताने के अनुसार विजयादशमी के शुभमुहूरतपर १८ अक्टूबर को भगवान जगन्नाथजी की काष्ठ की मूर्ति की प्राणप्रतिष्ठा का समारोहन संपन्न हुआ ।
परात्पर गुुरु डॉ. आठवलेजी को दीर्घायु प्राप्त हो, हिन्दू राष्ट्र स्थापना के व्यापक कार्य में अनिष्ट शक्तियों द्वारा उत्पन्न बाधाएं दूर हों तथा आध्यात्मिक कष्टों से साधकों की रक्षा हो; इसके लिए रामनाथी (गोवा) के सनातन आश्रम में १४ अक्टूबर को तीसरा पंचमुखी हनुमानकवच यज्ञ संपन्न हुआ ।
भगवान को प्रिय दास्यभक्ति का सर्वोच्च आदर्श एवं रामराज्य की स्थापना में बडा सहभाग रहनेवाले हनुमानजी व्यष्टि एवं समष्टि साधना का अपूर्व संगम ही है !
हाल-ही में पश्चिम महाराष्ट्र देवस्थान समिति द्वारा मंदिरप्रवेश के समय अपर्याप्त कपडे परिधान न करने के विषय में लिए गए निर्णय के अनुषंंग से यह चर्चासत्र आयोजित किया गया था ।
