‘परात्पर गुरु डॉक्टरजी द्वारा बताए गए उपचार, संभावित संकटकाल में जीवित रहने हेतु प्रदान की गई संजीवनी ही है !’, इसे ध्यान में लेकर गंभीरता के साथ सभी उपचार कीजिए !

अतः साधकों की रक्षा हेतु सनातन प्रभात नियतकालिकों के माध्यम से गुरुदेवजी समय-समय पर विविध आध्यात्मिक उपचार बता रहे हैं । वास्तविक रूप से ये उपाय केवल ‘उपचार’ न होते हुए वर्तमान समय की ‘संजीवनी’ ही है ।

भावी संकटकाल की तैयारी के रूप में अपने घर के आसपास औषधीय वनस्पतियों का रोपण करें !

भावी भीषण संकटकाल में औषधियां पर्याप्त मात्रा में नहीं मिलेंगी । इसलिए अभी से ही औषधीय वनस्पतियों का रोपण करें ।