प्रार्थना किसे कहते हैं एवं उससे क्या लाभ होता है ?

उषःकाल में प्रार्थना की कुंजी से दिन का द्वार खोलें और रात को प्रार्थना की कुंडी डालकर उसे बंद कर लें’, ऐसा सुवचन है ।यह वैज्ञानिक प्रयोगोंद्वारा भी सिद्ध हो गया है कि प्रार्थना से व्यक्ति को व्यावहारिक एवं आध्यात्मिक लाभ होते हैं ।

आधुनिक वैज्ञानिक युग में प्रार्थना का महत्त्व

सत्संग में रहने से एवं सात्त्विक तथा सत्प्रवृत्त लोगों से संबंध आने के कारण मानसिक आधार मिलकर मन प्रसन्न रहता है । उसका प्रभाव स्वास्थ्य पर होता है तथा स्वास्थ्य एवं दीर्घायु मिलती है

गुरु रामकृष्ण परमहंसजी ने एेसे किया स्वामी विवेकानंद के अंतरंग में प्रार्थना का बीज अंकुरित !

स्वामी विवेकानंद के पिताश्री का निधन होता है । सिर पर बहुत ऋण था । इस संदर्भ में अपने गुरु रामकृष्ण परमहंस से अनुरोध करने पर वे कहते हैं, “दुर्गामाता को बताओ । वही सब निपटाएगी ।”

ईश्वर की कृपा संपादन करने का सुलभ मार्ग है ‘प्रार्थना’ !

‘भगवान अथवा गुरु की शरण जाकर याचना करके मनोवांछित फल मांगना, अर्थात प्रार्थना । मन से की गई प्रार्थना के कारण भगवान एवं गुरु का कृपाशीर्वाद निरंतर मिलता है ।

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“Satpatre daanam”