हिन्दू राष्ट्र की स्थापना के संदर्भ में परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी के अनमोल विचार !

‘हिन्दू राष्ट्र’ की अपरिहार्यता !

‘भारत में वर्ष २०२३ में ‘ईश्‍वरीय राज्य’ अर्थात ‘हिन्दू राष्ट्र’ स्थापित होगा ।’ यह आज तक अनेक संतों ने समय-समय पर बताया है । हिन्दू राष्ट्र की स्थापनासे संबधित कोई भी आशादायी घटना स्थूल रूप में होती दिखाई नहीं दे रही । ऐसे में ‘हिन्दू राष्ट्र’ के विषय में बोलना, किसी को भी अतिशयोक्ति लग सकती है; परंतु काल की पदचाप (आहट) पहले ही सुन लेनेवाले संतों ने, हिन्दू राष्ट्र रूपी उज्ज्वल भविष्य देख लिया है । अब उस दिशा में प्रयत्न करना, हमारी साधना है । ‘हिन्दू राष्ट्र’ की स्थापना के विषय में अनेक लोगों के मन में उत्सुकता है । इस विषय में विस्तृत जानकारी ‘हिन्दू राष्ट्र की स्थापना की दिशा’ लेखमाला में आप पढ सकते हैं । ईश्‍वर से प्रार्थना है कि इसे पढकर भविष्य में भारतभूमि में रामराज्य का अनुभव करानेवाले ‘हिन्दू राष्ट्र’ की स्थापना हेतु हिन्दू समाज को अथक प्रयास करने की प्रेरणा मिले ! 

४. ‘हिन्दू राष्ट्र’ शब्द का विरोध करनेवालों से ये प्रश्‍न करें !

अ. ‘हिन्दू राष्ट्र’ स्थापित कर सर्व जाति-पंथों का परमकल्याण साधा जा सकता है, यह छत्रपति शिवाजी महाराज ने सिद्ध कर दिखाया है । अतः यदि ऐसा परिवर्तन हिन्दू राष्ट्र की स्थापना के कारण होता होगा, तो उसमें कोई आपत्तिजनक बात नहीं है ।
आ. पोप जॉन पॉल (द्वितीय) १९९९ में भारत की यात्रा पर आए थे तब उन्होंने कहा था कि ‘संपूर्ण भारत को ईसाई बनाना है ।’ इस वक्तव्य को आजतक किसी ने असंवैधानिक क्यों नहीं माना ?
इ. अत्यंत विकसित और लोकतान्त्रिक देश होने पर भी इंग्लैण्ड एक ‘ईसाई’ राष्ट्र हो सकता है; तब ८० प्रतिशत हिन्दू जनसंख्यावाला भारत ‘हिन्दू राष्ट्र’ क्यों नहीं बन सकता ?
ई. पाकिस्तान और बांग्लादेश के संविधान में ‘इस्लामिक रिपब्लिक’ लिखा है; तब भारत के संविधान में, ‘हिन्दू गणराज्य’ शब्द क्यों नहीं लिखा जा सकता ? जब इस्लामी राष्ट्रों में हिन्दू रह सकते हैं; तो ‘हिन्दू राष्ट्र में मुसलमान और ईसाई नहीं रह सकते’, ऐसा कभी हो सकता है क्या ?
उ. स्वाधीनता के समय भारत में रहनेवाले तत्कालीन मुसलमानों ने अपने लिए धर्म पर आधारित पाकिस्तान नामक इस्लामी राष्ट्र मांगा था । उसके अनुसार शेष भारत हिन्दुआें का ‘हिन्दू राष्ट्र’ ही होना चाहिए था । हिन्दुआें द्वारा हिन्दू राष्ट्र की स्वाभाविक मांग, अपराध कैसे हो सकती है ?
ऊ. कल यदि ‘आइएसआइएस’ के आतंकवादी भारत पर आक्रमण कर इसे ‘इस्लामिक राष्ट्र’ घोषित कर दें, तो हिन्दू कहां
जाएंगे ? संसार में हिन्दुआें का एक भी देश नहीं है !’
अनेक संतों व भविष्यवेत्ताआें के अनुसार, ‘भविष्य में महाविनाशकारी आपातकाल और तीसरा विश्‍वयुद्ध होगा ।’ (क्रमशः)
(संदर्भ : सनातन का ग्रंथ ‘हिन्दू राष्ट्र की स्थापना की दिशा’)

यह ग्रंथ ऑनलाइन भी उपलब्ध ! 
संपर्क : ‘सनातन शॉप’ जालस्थल की लिंक : goo.gl/TxlFr0 
(सूचना : इस लिंक के कुछ अक्षर ‘कैपिटल’ हैं ।)

संदर्भ : सनातन प्रभात हिन्दी