- सद्गुरु नीलेश सिंगबाळजी ने यह सम्मान ग्रहण किया !
- धर्म एवं आध्यात्म के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान के लिए किया गया सम्मान !

पटना (बिहार) – यहां पर ४ से ६ अप्रैल तक आयोजित ‘अंतरराष्ट्रीय ज्योतिष, वास्तु और तंत्र सम्मेलन’ में सच्चिदानंद परब्रह्म (डॉ.) आठवले को धर्म और आध्यात्मिकता के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान के लिए ‘‘धर्म अलंकार पुरस्कार’’ और “माँ पटन देवी सम्मान” से सम्मानित किया गया । इस सन्मान का स्वीकार सद्गुरु नीलेश सिंगबाळ ने किया । पुरस्कार के अंतर्गत सम्मान स्मृति-चिन्ह, मां पटन देवी सम्मान पदक एवं प्रमाण पत्र दिया गया ।




इस सम्मेलन का आयोजन वर्ल्ड एस्ट्रो फेडरेशन, साउथ एशियन एस्ट्रो फेडरेशन और एस्ट्रो, वास्तु एंड वैदिक साइंसेस के संयुक्त तत्त्वावधान में किया गया । कार्यक्रम में बिहार के ग्रामीण कार्य विभाग मंत्री श्री. अशोक चौधरी, नेपाल के राजगुरु श्री. माधव भट्टाराय व पश्चिम बंगाल के कला एवं संस्कृति दूत श्री. अनूप कुमार जैसे गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे ।
भारत के ‘विश्वगुरु’ बनने का संकल्प

वर्ष १९९८ में ही सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी ने भविष्यवाणी की थी कि ‘भारत का एक ऐसे राष्ट्र के रूप में उदय होगा, जहां सनातन धर्म केंद्र में होगा तथा वह विश्वगुरु का स्थान प्राप्त करेगा ।’
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