आधुनिक विज्ञान की प्रगति का ऐसा भी एक दुष्परिणाम !

नई देहली : आजकल लोग बडी संख्या में ‘ऑनलाईन’ खरीद को महत्त्व दे रहे हैं । अब तो ऐसे लोगों की संख्या बहुत बढी है, जिन्हें ऑनलाईन खरीद की आदत लगी है; परंतु जर्मनी के हैनोवर मेडिकल स्कूल के वैज्ञानिकों ने किए गए एक शोध के अनुसार ऑनलाईन खरीद की यह आदत एक प्रकार का मानसिक विकार है ।
इस आदत से मुक्ति पाने हेतु कई लोग अब मनोविशेषज्ञों से मनोचिकित्सा करवा ले रहे हैं । वैज्ञानिकों ने ऐसे १२२ लोगों का परीक्षण किया । उनमें से ३४ लोगों में ऑनलाईन खरीद की मात्रा किसी व्यसन की मात्रा से अधिक थी । उसके कारण उनमें मानसिक अस्वस्थता और निराशा (डिप्रेशन) के लक्षण भी दिखाई दे रहे थे । ‘कॉम्प्रिहेन्सिव साईकिएट्री’ नामक जर्नल में प्रकाशित एक शोध के अनुसार विकसित देशों में लगभग ५ प्रतिशत लोग ऐसे हैं, जिन्हें बाईंग शॉपिंग डिसऑर्डर (बीएस्डी) की आदत लगी है । विश्वभर में प्रत्येक २० व्यक्तियों में एक व्यक्ति इससे प्रभावित है । उनमें से प्रत्येक ३ व्यक्तियों में से एक व्यक्ति के ऑनलाईन खरीद की आदत लगी है । बीएस्डी से पीडित व्यक्ति में ऑनलाईन खरीद की तीव्र इच्छा होने लगती है । वह व्यक्ति उसकी जितनी आर्थिक क्षमता होती है, उससे अधिक खरीद करता है । उससे उस व्यक्ति को पैसों की किल्लत उत्पन्न होकर उससे उसके परिवार में समस्याएं आने लगती हैं ।
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी का पटना, बिहार में ‘अंतरराष्ट्रीय ज्योतिष, वास्तु और तंत्र सम्मेलन’ में...
भारत को आध्यात्मिक कवच प्रदान करने के लिए मुंबई में सनातन संस्था द्वारा आयोजित ‘श्री...
भारत की रक्षा हेतु मुंबई में 17 मई को ‘श्री राजमातंगी महायज्ञ’
‘अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस’ के अवसर पर सनातन संस्था की साधिकाओं का सम्मान
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के अर्चक द्वारा सद्गुरु नंदकुमार जाधवजी का सम्मान
‘श्रीगुरु गौरव दीक्षा शताब्दी महोत्सव’ में सनातन संस्था के संस्थापक सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवले...