
रामनाथी (गोवा) – परात्पर गुरु डॉ.आठवले को आरोग्यपूर्ण दीर्घायु प्राप्त होने, हिन्दू राष्ट्र स्थापना में आनेवाली शक्तियों की अडचनें दूर होने, धर्मकार्य में विघ्न लानेवाली सूक्ष्म अनिष्ट शक्तियों का निर्मूलन एवं साधकों का कष्ट दूर होने हेतु यहां के सनातन आश्रम में २९ सितंबर को कार्तिकेय यज्ञ संपन्न हुआ । सनातन की सद्गुरु (श्रीमती) अंजली गाडगीळ एवं सद्गुरु (श्रीमती) बिंदा सिंगबाळ ने यज्ञ का संकल्प किया । ईरोड, तमिलनाडू के वेदमूर्ति अरुण गुरुमूर्ति एवं सनातन की पुरोहित पाठशाला के पुरोहितों ने यज्ञविधियों का पौरोहित्य किया । इस अवसर पर सनातन के सद्गुरु संत एवं साधक उपस्थित थे ।
परोक्ष एवं अपरोक्ष बाधाएं दूर करने हेतु अथर्ववेद में ’श्री सुब्र्रम्हण्य त्रिशति’ बताई गई है । इसमें देवताओं के सेनाधिपति कार्तिकेय को उद्येश्यकर कुल तीन सौ मंत्र हैं । उस के अनुसार यज्ञ के समय ’श्री सुब्र्रम्हण्य त्रिशति’ मंत्र का उच्चार करते हुए आहुति दी गई ।
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