जयपुर के ‘ज्ञानम् फेस्टिव्ल’ में सनातन संस्था का सहभाग

जयपुर – ‘ज्ञानम फेस्टिवल’ में ‘सनातन संस्था, व्याख्या एवं विवाद’ विषय पर एक भेंटवार्ता में एक प्रश्न का उत्तर देते हुए सनातन संस्था के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री चेतन राजहंस ने प्रतिपादित किया कि सनातन संस्था ने समाज में जाकर अध्यात्म प्रसार के साथ साथ धर्मश्रद्धा का प्रचार किया । इसलिए महाराष्ट्र एवं कर्नाटक राज्यों के नास्तिकतावादी विचारधारावाले संगठन आैर व्यक्तियों के धंधे बंद होने लगे । इसलिए आज ये लोग सनातन संस्था का विरोध कर रहे हैं । सनातन संस्था का विरोध करनेवाले व्यक्ति नहीं, अपितु राष्ट्रविरोधी एवं हिन्दू धर्मविरोधी शक्तियां हैं तथा केवल हिन्दू समाज को अपकीर्त करने का षड्यंत्र रच रहे हैं । जहां रामकृष्ण आदि अवतारों का विरोध हुआ है, तो सनातन संस्था के समान छोटे से संगठन का विरोध होना स्वाभाविक है । सनातन को हो रहा विरोध सनातन के धर्मकार्य को मिला हुआ प्रमाणपत्र ही है, एेसा हम मानते हैं ।
इस अवसर पर उन्होंने सनातन संस्था के धर्मकार्य को मिला हुआ प्रतिसाद एवं सनातन संस्था के कार्य के उद्देश्य के संबंध में विस्तृत जानकारी दी । ८ एवं ९ सितंबर की अवधि में आयोजित ज्ञानम् फेस्टिवल में विविध प्रकार के धर्माचार्य, ज्योतिषी एवं आध्यात्मिक संस्थाएं सम्मिलित हुर्इ थीं ।
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