
‘अंग्रेजी में एक सुविचार आहे, ‘When nails grow long, we cut nails, not fingers. Similarly, when misunderstandings grow up, cut your ego & not your relations.’ यहां नाखून को अहंकार की उपमा दी गई है । अहंकार बढने पर, विवेक लुप्त हो जाता है । आजकल के स्पर्धा और भाग-दौड-भरे जीवन में सात्त्विकता बचाने के लिए छोटी-से-छोटी क्रिया शास्त्रानुसार करने से लाभ निश्चित होता है ।
आयुर्वेदानुसार, हाथ-पैर के नाखून नियमपूर्वक काटते रहने से पाचन-संस्था ठीक से कार्यरत रहती है । नाखून के रंग से रोग पहचाने जा सकते हैं । आजकल के भागदौड-भरे जीवन में नाखून काटने का कोई निश्चित दिन अथवा समय नहीं मिलता । अनेक लोगों को रविवार के दिन छुट्टी रहती है; इसलिए वे उसी दिन नाखून काटते हैं । कुछ ऐसे भी लोग हैं, जो जानना चाहते हैं कि नाखून किस दिन काटने चाहिए ।
ज्योतिषशास्त्र के विचार से सूर्योदय के समय जिस ग्रह का होरा रहता है, (होरा अर्थात १ घंटे का कालावधी.) उस दिन को उस ग्रह का नाम दिया गया है । उदा. रविवार को सूर्योदय के समय रवि ग्रह का होरा रहता है; इसलिए उस दिन का नाम ‘रविवार’ रखा गया है । नाखून बढने से शरीर में तमोगुण बढता है । वार, होरानुसार निर्धारित होने के कारण होरानुसार कार्य करना अच्छा रहता है । व्यष्टि और समष्टि साधना की दृष्टि से नाखून काटने के लिए शनिवार और रविवार छोडकर सब दिन अच्छे हैं । किस दिन नाखून काटने से क्या लाभ होता है, यह विचार यहां दे रहे हैं ।
दिन के अनुसार नाखून काटने से मिलनेवाला फल
| वार | होरानुसार करने कृत्य | नाखून काटने के संभावित फल | नाखून काटने की क्रिया का विश्लेषण |
|---|---|---|---|
| १. सोमवार | सब कार्य | आरोग्यप्राप्ति | सोम का अर्थ है, चंद्र । चंद्र मन का कारक है । मन की स्थिति पर ही हमारा स्वास्थ्य अवलंबित होता है । इस दिन नाखून काटने से मन पर बना तमोगुणी आवरण दूर होने में सहायता होती है । |
| २. मंगलवार | युद्ध और वाद-विवाद | कर्जमुक्ति में सहायता | मंगलवार को कर्ज लौटाने में हो सकनेवाला वाद-विवाद टालने के लिए नाखून काटने चाहिए । |
| ३. बुधवार | ज्ञानार्जन | अच्छे कार्य से धनप्राप्ति | बुध, वैश्य वर्ण का और बुद्धि का ग्रह है । इस दिन नाखून काटने से नौकरी / व्यवसाय से धन मिलता है । |
| ४. गुरुवार | मंगलकार्य | घर में होनेवाली अशुभ बातों पर रोक और चित्त गुरुउपासना में लगना | गुरु, आध्यात्मिक ग्रह है और उपासना का कारक है । इस दिन नाखून काटने से सत्त्वगुण बढता है । |
| ५. शुक्रवार | यात्रा | प्रिय व्यक्ति से मिलन | शुक्र, कला और प्रीति का कारक है । इस दिन नाखून काटने से प्रिय व्यक्ति से मिलने के लिए यात्रा करनी पडती है । |
| ६. शनिवार | द्रव्यसंचय | मन में आसक्ति बढना और शांति घटना | साधना में त्याग महत्त्वपूर्ण होता है । द्रव्यसंचय से मन ध्येय से हट जाता है । इसलिए, शनिवार को नाखून न काटें । |
| ७. रविवार | राजसेवा | शरीर में रजोगुण बढना और काम में बाधाएं आना | राजसेवा का समय न घटे; इसलिए रविवार को नख न काटें । साधकों के लिए राजसेवा का अर्थ है, समष्टि (समाजगत) सेवा । |
कटे नख घर में न रहें, इस बात की सावधानी बरतें । उन्हें कागद में लपेटकर इस प्रकार फेंकिए कि किसी के हाथ न लगें ।’
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