विविध संतों द्वारा परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी का किया गया सम्मान !

संतों का कार्य आध्यात्मिक (पारलौकिक) स्तर का होने से लौकिक सम्मान एवं पुरस्कारों के प्रति उनमें कोई आसक्ति नहीं होती । अपितु मनोलय एवं अहं का लय होने से वे सामाजिक प्रतिष्ठा को प्राप्त करनेवाले सम्मान एवं पुरस्कार के परे जा चुके होते हैं । ऐसा होनेपर भी केवल संत ही संत की पहचान कर सकते हैं और उनको ही अन्य संतों के कार्य का महत्त्व समझ में आता है ।

पंढरपुर (महाराष्ट्र) के ‘क्रांतिवीर वसंतदादा बडवे न्यास’द्वारा सनातन संस्था के प्रवक्ता श्री. अभय वर्तक को ‘हिंदुत्व शौर्य’ पुरस्कार प्रदान

यहां के ‘क्रांतिवीर वसंतदादा बडवे न्यास’द्वारा सनातन संस्था के प्रवक्ता श्री. अभय वर्तक को १९ अक्तूबर को ह.भ.प. शंकर महाराज बडवे के शुभहाथों ‘हिंदुत्व शौर्य’ पुरस्कार प्रदान किया गया।