हिन्दू राष्ट्र की स्थापना हेतु धर्मयुद्ध के कालानुसार आयुध तथा कालमाहात्म्यानुसार साधकों को होनेवाले कष्ट
१. वर्ष २०१३ तक : ‘सनातन संस्था द्वारा बताई गई साधना भक्तियोग के नामजप से आरंभ होती है । उसमें कर्मकांड में भक्तियोग की पूजा, धर्मग्रंथों का पठन, विधि, तिथिनुसार उपासना, यज्ञयाग, इत्यादि कुछ नहीं था । इतने वर्ष सूक्ष्म का महायुद्ध आरंभ था । इस युद्ध के आयुध थे नामजप, ध्यान, संतों के संकल्प, … Read more