
(कथित) आधुनिकतावादियों की हत्याआें के प्रकरण में सनातनद्वेषी और प्रसारमाध्यम आकाश-पाताल एक कर सनातन संस्था पर प्रतिबंध लाने की मांग कर रहे हैं । इन सभी प्रकरणों में सनातन संस्था के साधक और हिन्दू जनजागृति समिति के कार्यकर्ताआें की अन्वेषण यंत्रणा द्वारा पूछताछ की जा रही है । इस प्रकार चारों ओर विषम स्थिति होते हुए भी सनातन के अधिकांश साधक आनंदित हैं । उनके चेहरे पर किसी भी प्रकार का तनाव अथवा भय प्रतीत नहीं होता । ऐसा होना अर्थात उनकी साधना अच्छी चलने का लक्षण है । सच्चे साधक को ईश्वर जो करता है, वह भले के लिए करता है, यह ज्ञात होता है । इसलिए किसी भी परिस्थिति में वह आनंदित रहता है । वर्तमान में बाह्य वातावरण के कारण जिन साधकों को तनाव आता है, उन्हें इन साधकों से सीखकर स्वयं की साधना बढाना आवश्यक है, तथा साधना न करनेवाले प्रतिकूल परिस्थिति में भी आनंदित रह सकें, इसलिए तुरंत साधना आरंभ करें और जो थोडी-बहुत साधना करते हैं, वे उसे बढाएं ।
– (परात्पर गुरु) डॉ. जयंत आठवले, सनातन संस्था
सनातन संस्था के रौप्य महोत्सव के उपलक्ष्य में पुणे में 9 हजार हिन्दुओं की उपस्थिति...
सनातन के साधक एवं अधिवक्ता को डॉ. दाभोलकर हत्या प्रकरण में फंसाकर सनातन संस्था को...
सनातन संस्था के अधिवक्ता संजीव पुनाळेकर की गिरफ्तारी निंदनीय ! – श्री. राजेश क्षीरसागर, विधायक,...
सनातन का कार्य दीपस्तंभ के समान तथा सभी के लिए प्रेरणादायी !
सनातन संस्था पर प्रतिबंध लगाने की मांग शुद्ध ढोंगबाजी !
सनातन संस्था की सहायता के लिए सदैव सिद्ध हूं ! – श्री. प्रशांत सातव, भाजपा