साधक, वाचक, हितचिंतक एवं धर्मप्रेमियों को सेवा की सुवर्णसंधी !
‘सनातन संस्था पृथक विषयों पर अमूल्य ज्ञान प्रदान करनेवाली दुर्मिळ ग्रंथसंपदा प्रकाशित करती है । साथ ही मराठी, कन्नड, हिन्दी, अंग्रेजी तथा गुजराथी इन ५ भाषाओं में प्रकाशित करती है । साथ ही इन ५ भाषाओं में सनातन प्रभात नियतकालिक भी प्रकाशित किया जाता है । समाजमन को अध्यात्म, साधना, राष्ट्र एवं धर्म के संदर्भ की जानकारी देने के लिए इन माध्यमों का मूल्यवान हिस्सा है ।
सनातन के ग्रंथ तथा गुजराथी मासिक सनातन प्रभात की सेवा करने हेतु संगणकीय ज्ञान होनेवाले गुजराथी भाषा के जाणकारों की आवश्यकता है । मराठी अथवा हिन्दी भाषा का लिखान गुजराथी में अनुवादित करना, उसका मुद्रितशोधन करना, गुजराथी लिखान की संरचना (फॉरमैटिंग) करना, लिखान संकेतस्थल पर ‘अपलोड’ करना, ये पृथक सेवाएं उपलब्ध हैं । गुजराथी का ज्ञान होनेवाले इच्छुक साधक, वाचक, हितचिंतक तथा धर्मप्रेमी पूरे समय के लिए अथवा कुछ कालावधी के लिए आश्रम में निवास कर सेवा का लाभ प्राप्त कर सकते हैं । यदि ये सेवा आश्रम में रहकर सीखी गई, तो पश्चात् घर में रहकर भी करना सहज होगा ।
उपर्युक्त कोई भी सेवा करने की इच्छा रहनेवाले जनपदसेवकों के माध्यम से आगे की सारणीनुसार अपनी जानकारी [email protected] इस संगणकीय पते पर अथवा डाक पते पर भेज सकते हैं । यदि इसमें कुछ संदेह हैं, तो सौ. भाग्यश्री सावंत को ७०५८८८५६१० इस क्रमांक पर संपर्क कर सकते हैं ।
नाव एवं संपर्क क्रमांक : सौ. भाग्यश्री सावंत – ७०५८८८५६१०
र्इमेल पता : [email protected]
(डाक के लिए : सौ. भाग्यश्री सावंत, द्वारा ‘सनातन आश्रम’, २४/बी, रामनाथी, बांदिवडे, फोंडा, गोवा. पिन – ४०३४०१)
| तपशील | जानकारी |
| १. नाम तथा जनपद | |
| २. शिक्षण | |
| ३. आयु (वर्ष) | |
| ४. संपर्क क्रमांक | |
| ५. आश्रम में निवास कर या घर में रहकर सेवा करने की इच्छा है ? | |
| ६. सेवा के लिए प्रतिदिन अथवा सप्ताह में कितना समय व्यतीत कर सकते हैं ? | |
| ७. क्या संगणक अथवा इंटरनेट की सुविधा है ? |
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