परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी के मार्गदर्शन में साधक द्वारा की गई पूजा के फूलों की विविधतापूर्ण रचना

परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी के मार्गदर्शन के कारण साधकों पर जीवन का प्रत्येक कृत्य कलात्मक रूप से तथा सत्यम् शिवम् सुंदरम् करने का संस्कार हो गया है ।

Donating to Sanatan Sanstha’s extensive work for nation building & protection of Dharma will be considered as

“Satpatre daanam”