‘कोरोना महामारी के काल में यातायात बंदी थी । उस समय हाट (बाजार) से हरा शाक-तरकारी लाना कितना कठिन हो गया था, इसे प्रत्येक ने ही अनुभव किया होगा । द्रष्टा संतों ने कहा है कि ‘आगे तीसरा महायुद्ध होगा ।’ उस भीषण आपातकाल की तैयारी के लिए प्रत्येक जन अपने घर के समीप हरे शाक एवं औषधीय वनस्पतियों की प्राकृतिक पद्धति से बागवानी करे ।’
घर की खेती (रोपण) के अंतर्गत वनस्पतियों के पत्ते एवं फूलों से बनाई जा सकनेवाली...
विषमुक्त अन्न के लिए घर के घर ही में हरे शाक-तरकारी का रोपण करें !
जीवामृत कैसे बनाएं ?
प्राकृतिक खेती के विषय में अपप्रचार का खंडन
‘सेंद्रिय खेती’ अर्थात ‘प्राकृतिक खेती’ नहीं !
प्राकृतिक खेती में हाट से खरीदी हुई खाद का उपयोग न करते हुए भी अधिक...