
छत्रपति शिवाजी महाराज की चरित्रगाथा अस्खलित शैली में लेखन और वक्तृत्व द्वारा प्रस्तुत करनेवाले शिवशाहीर बाबासाहेब पुरंदरे के निधन के कारण ब्रह्मतेज की धधकती ज्वाला शांत हुई है । छत्रपति शिवाजी महाराज के प्रति असीम भक्ति के बल पर उन्होंने जातिवादियों का विरोध सहन कर विगत अनेक पीढी और अनेक दशकों तक महाराष्ट्र को ‘शिवसाक्षर’ करने का अनमोल एवं महत्त्वपूर्ण कार्य किया । सनातन संस्था और शिवशाहीर का आत्मीय संबंध था । उन्हें मृत्यु उपरांत उत्तम गति प्राप्त हो, ऐसी श्री भवानीदेवी के चरणों में प्रार्थना !
– श्री. चेतन राजहंस, प्रवक्ता, सनातन संस्था.
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