दत्तजयंती

 

datta666x240

मार्गशीर्ष पूर्णिमाके दिन मृग नक्षत्रपर सायंकाल भगवान दत्तात्रेयका जन्म हुआ,दत्तजयंतीपर दत्ततत्त्व पृथ्वीपर सदाकी तुलनामें १००० गुना अधिक कार्यरत रहता है । इस दिन दत्तकी भक्तिभावसे नामजपादि उपासना करनेपर दत्ततत्त्वका अधिकाधिक लाभ मिलनेमें सहायता होती है ।

भगवान दत्तात्रेयके बारेमें पढें !

श्री दत्तजयंतीका महत्त्व

संबंधित व्हिडीओ (5 Videos)


संबंधित सनातन-निर्मित ग्रंथ

 

भगवान दत्तात्रेय

भगवान दत्तात्रेय
त्यौहार मनानेकी उचित पद्धतियां एवं अध्यात्मशास्त्र

त्यौहार मनानेकी उचित पद्धतियां एवं अध्यात्मशास्त्र
श्रीविष्णु, श्रीराम एवं श्रीकृष्ण

श्रीविष्णु, श्रीराम एवं श्रीकृष्ण
पूजासामग्रीका महत्त्व : खंड २

पूजासामग्रीका महत्त्व : खंड २
भगवान शिव (भाग २)

भगवान शिव (भाग २)
पारिवारिक धार्मिक व सामाजिक कृतियोंका आधारभूत अध्यात्मशास्त्र : भाग ३

पारिवारिक धार्मिक व सामाजिक कृतियोंका आधारभूत अध्यात्मशास्त्र : भाग ३

Also available in : MarathiEnglish

Facebooktwittergoogle_plusmail