जयपुर (राजस्थान) : हिन्दूआेंका पवित्र धर्मग्रंथ भगवद्गीता और रामायण अब राजस्थान विश्वविद्यालय से संबंधित कॉलेजों के कॉमर्स और मैनेजमेंट के पोस्ट ग्रैजुएट (स्नातकोत्तर) कोर्सेज के छात्रों के पाठ्यक्रम में शामिल होंगे। इन धार्मिक ग्रंथों की मदद से छात्रों को मैनेजमेंट की नीति सिखाई जाएगी।
अधिकारियों ने कहा कि, छात्र कुरुक्षेत्र युद्ध से पहले भगवान श्रीकृष्ण और अर्जुन के बीच के संवाद और वानर सेना की मदद से भगवान श्रीराम के रावण पर विजय प्राप्त करनेकी घटनाओं से प्रबंधन सीखेंगे। राजस्थान विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम संशोधन समिति के अध्यक्ष नवीन माथुर ने कहा, ‘भगवान कृष्ण ने बडे ही अच्छे तरीके से श्रम, प्रेरणा, अधिकार, जिम्मेदारी और नेतृत्व के गुणों के विभाजन की अवधारणा को परिभाषित किया है।
विश्वविद्यालय अधिकारियों का कहना है कि, यह कदम उच्च शिक्षा का भारतीयकरण करने के लिए उठाया गया है। दर्शन शास्त्र में भी स्वामी विवेकानंद और महात्मा गांधी के विचारों ने विदेशी लेखकों रोबर्ट ओवेन और जेम्स बर्नहैम के विचारों को बदला है।
स्त्रोत : नवभारत टाइम्स
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