विकार दूर करने के लिए आवश्यक देवताओं के तत्त्वानुसार दिए गए कुछ विकारों पर नामजप

आगामी आपत्काल में आधुनिक वैद्य अथवा उनकी दवाएं उपलब्ध नहीं होंगी । उस समय यह ज्ञात करना कठिन होगा कि किस विकार के लिए क्या उपाय कर सकते हैं । अतः साधक यह लेख संग्रह करके रखें तथा उसी के अनुसार नामजप करें । इससे विकार अल्प होने में लाभ होगा ।

विकार दूर होने के लिए आवश्यक देवताओं के तत्त्वों के अनुसार दिए कुछ विकारों पर नामजप

‘कोई विकार दूर करने हेतु दुर्गादेवी, राम, कृष्ण, दत्त, गणपति, हनुमान एवं शिव, इन ७ मुख्य देवताओं में से कौनसे देवता का तत्त्व कितनी मात्रा में आवश्यक है ?’, यह मैंने ध्यान लगाकर ढूंढा और उस अनुसार मैंने कुछ विकारों पर जप बनाए ।

विकार दूर होने के लिए आवश्यक देवताओं के तत्त्वों के अनुसार दिए कुछ विकारों पर नामजप

मैंने प्रथम ऐसा जप ‘कोरोना विषाणुओं’की बाधा दूर करने के लिए ढूंढा था । उसकी परिणामकारकता ध्यान में आने पर मुझे अन्य विकारों पर भी जप ढूंढने की प्रेरणा मिली । यह जप अर्थात आवश्यकतानुसार विविध देवताओं के एकत्रित जप है ।

नामजप से उपचार करने के विषय में सूचना

नामजप में योगयागादि साधना समान कठिनता भी नहीं है । भावी संकटकाल में कभी-कभी आैषधि वनस्पतियां नहीं मिल सकेंगी; परंतु नामजप के उपचार कहीं भी आैर कभी भी किए जा सकते हैं ।

अस्थि और स्नायु तंत्र के विकारोंपर नामजप

नामजप करने से केवल विकार ही ठीक नहीं होते, अपितु विकारों से होनेवाली वेदना और दुःख सहने हेतु मनोबल और शक्ति भी मिलती है ।

निद्रा से संबंधित विकाराेंपर नामजप

नामजप में योगयागादि साधना समान कठिनता भी नहीं है । भावी संकटकाल में कभी-कभी आैषधि वनस्पतियां नहीं मिल सकेंगी; परंतु नामजप के उपचार कहीं भी आैर कभी भी किए जा सकते हैं ।

विकार-निर्मूलन हेतु नामजप

‘विकार-निमर्लून हेतु नामजप’ (३ खडं ) इस नतून ग्रथं का परिचय इस लेखांक द्वारा करवा रहे हैं । नामजप की यह पद्धति केवल संकटकाल की दृष्टि से ही नहीं, अपितु सदा के लिए भी उपयुक्त है ।

नामजप के साथ मुद्रा करने का महत्त्व

पंचतत्त्वों का असंतुलन दूर करने के लिए नामजप के समान ही मुद्रा भी उपयुक्त है । मुद्राआें का ही न्यास किया जाता है । नामजप के साथ मुद्रा तथा न्यास करने पर उपचारों का लाभ अधिक होता है ।