घोटालेबाज दाभोलकर परिवार को कारागृह में भेजे बिना हम शांत नहीं रहेंगे ! – अधिवक्ता संजीव पुनाळेकर

सनातन पर अन्याय के विरुद्ध १८ राष्ट्रप्रेमी एवं
हिन्दुत्वनिष्ठ संगठन आज मुंबई में विशाल निषेध मोर्चे का आयोजन करेंगे !

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बाईं ओर से डॉ. उपेंद्र डहाके, श्रीमती नयना भगत, वैद्य उदय धुरी, श्री. वैभव राऊत, अधिवक्ता संजीव पुनाळेकर एवं श्री. वेद थापा

मुंबई : हम सनातन संस्था के हितचिंतक हैं । हम अंतिम सांस तक सनातन संस्था के साथ निश्चित रूप से खडे रहेंगे । डॉ. दाभोलकर एवं उनके परिवारजनों के अनुचित व्यवहार एवं कृत्यों को उजागर करेंगे । पुलिस चाहे किसे भी नियंत्रण में ले, परंतु आज यदि डॉ. दाभोलकर होते, तो हिन्दू विधिज्ञ परिषद द्वारा उन्हें कारागृह में भेजा गया होता । हिन्दू विधिज्ञ परिषद के माध्यम से हम दाभोलकर के परिवारजनों के अनुचित व्यवहार उजागर कर उन्हें कारागृह में भेजे बिना स्वस्थ नहीं रहेंगे । हिन्दू विधिज्ञ परिषद के राष्ट्रीय सचिव अधिवक्ता संजीव पुनाळेकर ने २० अगस्त को पत्रकार परिषद में यह जानकारी दी ।

डॉ. दाभोलकर की हत्या के उपरांत पिछले ३ वर्ष से हो रहा सनातन संस्था के निर्दोष साधकों का छल एवं पुरोगामी संगठनों द्वारा सनातन संस्था पर प्रतिबंध लगाने की अन्यायपूर्ण मांग के निषेधार्थ समस्त राष्ट्रप्रेमी एवं हिन्दुत्वनिष्ठ संगठन की ओर से २१ अगस्त को दादर में विशाल निषेध मोर्चा निकाला जाएगा ।

इस विषय में जानकारी देने हेतु विविध राष्ट्रप्रेमी एवं हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों की ओर से मुंबई मराठी पत्रकार संघ में आयोजित पत्रकार परिषद में वे बोल रहे थे । इस पत्रकार परिषद को भारतीय युवा शक्ति के श्री. वेद थापा, भाजच के कल्याण नगर उपाध्यक्ष डॉ. उपेंद्र डहाके, हिन्दू गोवंश रक्षा समिति के श्री. वैभव राऊत, हिन्दू जनजागृति समिति के मुंबई प्रवक्ता वैद्य उदय धुरी एवं सनातन संस्था की प्रवक्ता श्रीमती नयना भगत उपस्थित थे ।

अधिवक्ता संजीव पुनाळेकर ने आगे कहा,

१. डॉ. दाभोलकर की हत्या के उपरांत पिछले ३ वर्ष से सनातन संस्था के निर्दोष साधकों का छल चल रहा है । इस अभियोग का अन्वेषण चलने नहीं दिया जाता । दाभोलकर परिवारजन सनातन संस्था के विरुद्ध विषारी प्रचार कर रहे हैं ।

२. दाभोलकर के न्यास को विदेश से धन आता था । स्वीस एड समान भारतद्रोही संगठन, महाराष्ट्र फाऊंडेशन, रिलाइन्स फाऊंडेशन एवं अन्य धनवानों की ओर से भारी मात्रा में अर्पण मिलता था । साधेपन का ढोंग कर डॉ. दाभोलकर का परिवारजन ऐश आराम का जीवन जीते थे ।

३. डॉ. दाभोलकर के परिवारजनों के नक्सलवादियों से संबंध थे । नक्सलवादियों से संबंध, आर्थिक घोटाले अथवा पाखंडियों के ढोंग उजागर करने की धमकी देकर उन्हें ब्लैकमेल करना इत्यादि किसी भी कारण से दाभोलकर की हत्या संभव है । इस विषय में पुलिस द्वारा अन्वेषण करना चाहिए । इसके विपरीत केवल सनातन संस्था को लक्ष्य किया जा रहा है ।

४. अब तक अंनिस द्वारा जिन भोंदूबाबाओं के ढोंग उजागर किए गए हैं, उनके नाम की सूची पुलिस को देने का आवाहन हमने मुक्ता एवं हमीद दाभोलकर को किया था; परंतु अभी भी उन्होंने यह सूची पुलिस को नहीं दी है । उन्हें इस बात का भय है कि यदि यह सूची दी तो, उनके आर्थिक भ्रष्टाचार उजागर होंगे ।

५. डॉ. दाभोलकर को नक्सलवादियों से धन आता था । पिछले १२ वर्ष से उनके न्यास का आर्थिक व्यवहार का लेखा जोखा प्रस्तुत नहीं किया गया था । ये सभी भ्रष्टाचार हम उजागर करेंगे ।

६. आज डॉ. दाभोलकर के समर्थनार्थ अनेक स्थान पर मोर्चे निकाले गए । इन मोर्चे की भीड को बढाने हेतु छोटे बच्चों का भी उपयोग किया गया ।

७. छत्रपति शिवाजी महाराज के अनादर के विषय में तत्कालीन कांग्रेस शासन द्वारा विदेश में जांच के लिए जाने हेतु व्यय होने का कारण बताया गया; परंतु कॉ. पानसरे की हत्याप्रकरण में बंदुक की गोलियों की जांच करने हेतु उन्हें स्कॉटलैण्ड भेजा गया ।

१८ संगठनों के साथ अधिवक्ता भी आंदोलन में सम्मिलित होंगे !

रायगढ संवर्धन समिति; श्री शिवप्रतिष्ठान हिन्दुस्थान; अखिल भारत हिन्दू महासभा युवा मोर्चा; भारतीय युवा शक्ति; स्वराज्य युवा प्रतिष्ठान; श्री शिवकार्य प्रतिष्ठान; हिन्दू गोवंश रक्षा समिति; नवयुवक मित्रमंडल; श्री बजरंग सेवा दल; हिन्दू विधिज्ञ परिषद; स्वराज्य हिन्दू सेना; हिन्दू राष्ट्र सेना; हिन्दू रक्षा युवा संघ (ठाणे); रामसेना (ठाणे); हिन्दू साम्राज्य (कळवा, ठाणे); श्री शिवकार्य प्रतिष्ठान; हिन्दू जनजागृति समिति; सनातन संस्था इत्यादि संगठनों के साथ २० से अधिक अधिवक्ता भी आंदोलन में सम्मिलित होंगे, ऐसा इस पत्रकार परिषद में बताया गया ।

स्त्राेत : दैनिक सनातन प्रभात

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