गणेशोत्सव की पार्श्‍वभूमि पर सामाजिक जालस्थलों के माध्यम से धर्मद्रोही आवाहन !

सांगली – गणपति को फल-फूल और नैवेद्य अर्पण करने के स्थान पर झोपडपट्टियों के जरूरतमंदों को बांटने के लिए किताबें-कापियां अर्पण करें !, ऐसा धर्मद्रोही आवाहन करनेवाला संदेश गणेशोत्सव की पार्श्‍वभूमि पर सामाजिक प्रसारमाध्यमों में घूम रहा है ।  (‘बकरी ईद पर बकरे न काटें । उसके स्थान पर जरूरतमंदों को किताबें-कापियां दें’, ऐसा आवाहन कभी किया जाता है क्या ? श्रीगणेश को फल-फूल और नैवेद्य अर्पण करने के पीछे शास्त्र और उसके आध्यात्मिक लाभ जाने बिना शास्त्र विरोधी आवाहन करने से धर्म की हानि होती है और पाप भी लगता है । इससे बचने के लिए और धर्मशास्त्रानुसार प्रत्येक कृति होने हेतु हिन्दुओं के लिए धर्मशिक्षा लेना अपरिहार्य है ! – संपादक)

इस संदेश में आगे कहा है कि गणेशोत्सव में जो कोई भी गणेशमूर्ति घर लाता है, उनके दर्शन के लिए आनेवालों को फल-फूल और नैवेद्य (मिठाई इत्यादि) लेकर आने के स्थान पर किताबें और कॉपियां लाने के लिए कहें । इन्हें आगे महानगरपालिका के विद्यालयों अथव झोपडपट्टियों में रहनेवाले जरूरतमंदों को बांट सकेंगे । ऐसा करना अच्छा काम है ।

स्त्रोत : दैनिक सनातन प्रभात