भारत को हिन्दू राष्ट्र बनाने हेतु श्री काशी विद्वत परिषद का संपूर्ण समर्थन ! – डॉ. रामनारायण द्विवेदी, मंत्री, श्री काशी विद्वत परिषद

वाराणसी में ९ से १२ नवंबर की कालावधि में हिन्दू
जनजागृति समिति की ओर से ‘हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन’

१५२ संगठनों के ३५० प्रतिनिधियों का सहभाग

वाराणसी (उत्तर प्रदेश) : वेदों में भारतभूमि को पवित्र माना गया है; क्योंकि यहां की जीवनशैली सनातन धर्म संस्कृति है । विश्‍व के कई देश उनका पंथ और धर्म को वैध श्रेणी प्रदान करते हैं, उसी प्रकार भारत में भी उसके परमपवित्र सनातन धर्म को संवैधानिक प्रतिष्ठा प्रदान करने की आवश्यकता है । श्री काशी विद्वत परिषद के मंत्री डॉ. रामनारायण द्विवेदी ने ऐसा प्रतिपादित किया । हिन्दू जनजागृति समिति की ओर से यहां ९ से १२ नवंबर की कालावधि में हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन का आयोजन किया गया है । इसमें १२ राज्यों से, साथ ही नेपाल के कुल १५२ संगठनों के ३५० प्रतिनिधि सहभागी होंगे । इस संदर्भ में जानकारी देने हेतु आयोजित पत्रकार परिषद में डॉ. द्विवेदी ऐसा बोल रहे थे । इस अवसरपर हिन्दू जनजागृति समिति के धर्मप्रचारक पू. नीलेश सिंगबाळ, इंडिया विथ विजडम् के राष्ट्रीय अध्यक्ष अधिवक्ता कमलेशचंद्र त्रिपाठी तथा सनातन संस्था के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री. चेतन राजहंस उपस्थित थे ।

पत्रकार परिषद में बाईं ओर से श्री. चेतन राजहंस, पू. नीलेश सिंगबाळ, डॉ. रामनारायण द्विवेदी एवं अधिवक्ता श्री. कमलेशचंद्र त्रिपाठी

१. पू. नीलेश सिंगबाळजी ने कहा, ‘‘अयोध्या में प्रभु श्रीरामचंद्रजी का भव्य मंदिर बनना सुनिश्‍चित है । अब राममंदिर का यह जनआंदोलन रामराज्य लाने की दिशा में आगे बढना चाहिए । विश्‍व के इतिहास में सभी राजतंत्रों ने रामराज्य को आदर्श मान है । अतः रामराज्य की नींव रखने हेतु भारत के संविधा में विद्यमान ‘धर्मनिरपेक्ष’ शब्द को हटाकर भारत को हिन्दू राष्ट्र घोषित करने के उद्देश्य से हिन्दुओं के लिए कार्य की दिशा स्पष्ट हो; इस उद्देश्य से इस अधिवेशन का आयोजन किया गया है ।

२. अधिवक्ता कमलेशचंद्र त्रिपाठी ने कहा, ‘‘देश में फैली सामाजिक दुष्प्रवृत्तियों को रोकने हेतु संविधानिक स्तरपर भारत को हिन्दू राष्ट्र घोषित करने हेतु इस अधिवेशन में ९ नवंबर को राष्ट्रभक्त अधिवक्ताओं का एक दिवसीय अधिवक्ता अधिवेशन आयोजित किया गया है ।’’

 

अधिवेशन में सहभागी होनेवाले मान्यवर

काशी के प.पू. श्रीमद्जगद्गुरु अनंतानंद द्वाराचार्य स्वामी डॉ. रामकलमदास वेदांती महाराज; धर्मसंघ शिक्षा मंडल के महामंत्री श्री. जगजीतन पाण्डेय; काशी-विश्‍वेवर मंदिर के मुख्य अर्चक पंडित टेकनारायण; अंतरराष्ट्रीय ज्योतिष परिषद के अध्यक्ष डॉ. लोकराज पौडेल, दक्षिण एशिया ज्योतिष महासंघ के राष्ट्रीय महासचिव आचार्य अशोककुमार मिश्र; वर्ल्ड हिन्दू फेडरेशन के अंतरराष्ट्रीय अध्य्क्ष श्री. अजय सिंह; फोरम फॉर नेपाली जर्नालिस्ट के संयोजक श्री. निरंजन ओझा; बंगाल के ऑल इंडिया लीगल एड फोरम के अध्यक्ष-अधिवक्ता श्री. जॉयदीप मुखजी; अयोध्या संत समिति के महामंत्री महंत पवन शास्त्री; गंगारक्षा हेतु अतुल्य योगदान देने के कारण इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा ‘न्यायमित्र’ की उपाधि से गौरवान्वित अधिवक्ता अरुणकुमार गुप्ता; ओडिशा की विश्‍व गोरक्षा वाहिनी के अध्यक्ष अधिवक्ता सुरेश पांडा; कलिंग आश्रम के संस्थापक श्री. रमेश पांडा; हिन्दू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय मार्गदर्शक सद्गुरु (डॉ.) चारुदत्त पिंगळेजी एवं झारखंड की उद्योगपति परिषद के राष्ट्रीय मार्गदर्शक पू. प्रदीप खेमका ।

स्त्रोत : दैनिक सनातन प्रभात