ह.भ.प. संजय कोटणीस द्वारा रामनाथी, गोवाके सनातन आश्रमका अवलोकन !

१. ह.भ.प. संजय कोटणीस, २. श्री. धनंजय कोटणीस एवं उनके सहयोगियोंको
सनातन प्रभात नियतकालिकोंके विषयमें जानकारी देते हुए श्री. अमोल हंबर्डे (सबसे दाहिनी ओर)

रामनाथी (फोंडा) : सांगली के संत प.पू. गुरुनाथ कोटणीसजीके बडे पुत्र ह.भ.प. संजय चिटणीस, छोटे पुत्र श्री. धनंजय कोटणीस तथा उनके परिजनोंने ४ मई २०१९ को यहांके सनातनके रामनाथीआश्रमका अवलोकन किया ।सनातनके साधक श्री. अमोल हंबर्डेने उन्हें सनातन आश्रममें चल रहा राष्ट्र-धर्मका कार्य तथा आध्यात्मिक शोधकार्यकी जानकारी दी ।

इस अवसरपर सनातनके पू. (डॉ.) मुकुल गाडगीळजीने ह.भ.प. संजय कोटणीसका औक्षण किया, साथ ही सनातनकी सद्गुरु (श्रीमती) अंजली गाडगीळजी एवं पू. (डॉ.) मुकुल गाडगीळजीने शॉल, श्रीफल एवं भेंटवस्तु देकर उन्हें सम्मानित किया ।

सनातन आश्रममें अविरत चल रहा धर्मरक्षा
एवं धर्मप्रसारका कार्य देखकर आनंदित हूं ! – ह.भ.प. संजय कोटणीस

सनातनका आश्रम अप्रतिम है । आश्रममें धर्मरक्षा एवं प्रसारका अविरत कार्य चल रहा है । इसे देखकर मैं आनंदित हूं । सभीके अवलोकन हेतु रखे गए सूक्ष्म-जगतकी धरोहरके कारण धर्मप्रसार होकर सभीको ज्ञान मिलेगा, उसका अनुभव होगा और उसके कारण उनका धर्मके प्रति झुकाव होना आरंभ होगा, ऐसा लगता है ।

हिन्दुआें में जागृति लाने का यह कार्य देखकर मनको संतोष हुआ !
– हरि रामचंद्र फडणीस (ह.भ.प. संजय कोटणीस के सहयोगी)

हिन्दुआेंमें जागृति लाने हेतु आपके द्वारा चल रहे कार्यको देखकर मनको संतोष हुआ । आश्रमकी स्वच्छता तथा यहांके साधकोंकी साधना देखकर मन तृप्त हुआ । सूक्ष्म-जगतसे संबंधित प्रदर्शनी देखकर मन तृप्त हुआ ।
चिमड संप्रदायके प.पू. यरगट्टीकर महाराज प.पू. तात्या महाराज कोटणीसजी के गुरु थे । प.पू. निबरगीकर महाराज भी इसी परंपरासे हैं । सांगलीमें प.पू. यरगट्टीकर महाराज, प.पू. तात्या महाराज कोटणीसजी एवं प.पू. निबरगीकर महाराजकी एकत्रित समाधि है ।

प.पू. गुरुनाथ कोटणीस महाराज एवं उनके परिजनोंका संक्षिप्त परिचय

सांगली में प.पू. गुरुनाथ कोटणीस महाराज का प्रसिद्ध मठ है । ह.भ.प. संजय कोटणीस उनके बडे पुत्र तथा श्री. धनंजय कोटणीस उनके छोटे पुत्र हैं । प.पू. दादा महाराज कोटणीस प.पू. गुरुनाथ कोटणीस महाराजके पिता तथा प.पू. तात्या महाराज कोटणीस उनके दादाजी हैं । प.पू. तात्या महाराज कोटणीसजीने सांगली में सबसे पहले कीर्तन परंपरा आरंभ की और वह विगत १५० वर्षोंसे अविरत चल रही है । प.पू. गुरुनाथ कोटणीस महाराजके मठमें प्रतिवर्ष गुरुपूर्णिमा महोत्सव मनाया जाता है । प.पू. गुरुनाथ कोटणीस महाराज जब कीर्तन के लिए गांव-गांव भ्रमण करते हैं, तब ह.भ.प. संजय कोटणीस उनके कार्यका निर्वहन करते हैं ।