भारत का घोषवाक्य ‘सत्यमेव जयते’ की एक प्रकार से पराजय ! – चेतन राजहंस, प्रवक्ता, सनातन संस्था

उत्तर भारत में हिन्दू जनजागृति समिति एवं सनातन संस्था की ओर
से विविध स्थानोंपर आयोजित उपक्रमों का हिन्दुत्वनिष्ठों द्वारा उत्स्फूर्त प्रत्युत्तर !

सिद्धार्थनगर (उत्तर प्रदेश) के प्रथमवर्ग न्यायालय मे अधिवक्ताओं के लिए बैठक का आयोजन

अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए श्री. चेतन राजहंस

सिद्धार्थनगर : जनपद के प्रथमवर्ग न्यायालय में हिन्दू जनजागृति समिति की ओर से हाल ही में एक बैठक का आयोजन किया गया था । इस बैठक में सनातन संस्था के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री. चेतन राजहंस ने अधिवक्ताओं को संबोधित किया । उन्होंने अपने संबोधन में कहा, ‘‘आज धर्मग्लानि शिखरपर पहुंच गई है । आज ऐसा कोई तंत्र नहीं बचा है, जो सत्य के लिए संघर्ष कर रहा हो । इस स्थिति को देखकर ऐसा लगता है कि यह एक प्रकार से भारत का घोषवाक्य ‘सत्यमेव जयते’ की पराजय हुई है । उन्होंने आगे कहा कि आज हिन्दुओं की स्थिति अत्यंत दयनीय बन गई है । हिन्दुओं को न्याय दिलाने के लिए तथा उन्हें संगठित करने में धर्मनिष्ठ अधिवक्ता महत्त्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं ।

सिद्धार्थनगर संपर्क अभियान के अंतर्गत सिद्धार्थनगर जनपद के प्रथमवर्ग न्यायालय में अधिवक्ताओं के लिए बैठक की गई । अधिवक्ता धरणीधर पांडेय के तत्त्वावधान में इस बैठक का आयोजन किया गया । इस बैठक में अधिवक्ता रामसूरत यादव, रामेंद्र मोहन मिश्रा, प्रमोदकुमार दुबे, विनोदकुमार उपाध्याय, गिरजेश उपाध्याय तथा उमाशंकर पांडेय ने सक्रिय सहभाग लिया । इस बैठक में २२ हिन्दुत्वनिष्ठ अधिवक्ता उपस्थित थे । उन्होंने स्थानीय अधिवक्ताओं के लिए प्रत्येक १५ दिन में धर्मशिक्षावर्ग के आयोजन की मांग की ।

स्रोत : दैनिक सनातन प्रभात