स्टिंग ऑपरेशन के नाम पर सनातन संस्था की बदनामी करनेवाले वैधानिक कार्यवाही के लिए तैयार रहें ! – श्री. चेतन राजहंस, सनातन संस्था

इंडिया टुडे और आज तक जैसी वृत्तवाहिनियों ने सनातन टेरर संस्था, सनातन टेरर कनेक्शन इत्यादि नाम से उनके पत्रकारों द्वारा किया गया कथित स्टिंग ऑपरेशन दिखाया । ठाणे-वाशी बम-विस्फोट मुकदमें में न्यायालय द्वारा निरपराध घोषित मंगेश निकम और हरिभाऊ दिवेकर को इस स्टिंग ऑपरेशन में दिखाया गया है । उनके कथित विधानों का आधार लेकर तथा मंगेश निकम ने मैं साधना करता था और कभीकभी सनातन आश्रम में जाता था, ऐसा कहा है यह दिखाते हुए सनातन संस्था को दहशतवादी बताने का प्रयास इन वृत्तवाहिनियों ने किया है ।

१. सनातन संस्था द्वारा की गई प्राथमिक पूछताछ में इस स्टिंग ऑपरेशन के वीडियो को तोड-मरोड कर दिखाया गया है, ऐसा ध्यान में आया है । संबंधित पत्रकारों ने झूठे नाम बताए हैं । पैसे देने का प्रयास किया है । श्री. मंगेश निकम को इन पत्रकारों का संदेहास्पद वर्तन ध्यान में आया तो उनसे बात करते हुए कुछ झूठी जानकारी दी और उनके छायाचित्र उनके ध्यान में आए बिना निकाले । अन्य भी कई हिन्दू आरोपियों को इसी संदेहास्पद पद्धति से संपर्क करने के संदर्भ में सभी संबंधितों की ओर से उनके अधिवक्ताआें ने दस दिन पूर्व ही लिखित शिकायत सरकार और पुलिस को इन पत्रकारों के छायाचित्र भेजकर की थी । इस शिकायत की भनक लगने पर अधिवक्ता से मिलकर दो-दो करोड रुपए देने का प्रयास किया, ऐसा ध्यान में आया है । कुछ फरार घोषित आरोपियों ने भी इंडिया टुडे वृत्त वाहिनी द्वारा पैसे देने की बात अब सामने आ रही है । इस संदर्भ में मंगेश निकम और हरिभाऊ दिवेकर उचित कार्यवाही करेंगे ।

२. सी.एल. पाटील और सलीम शेख नामक पुलिस अधिकारियों ने इन वृत्तवाहिनियों को सनातन को बचाने के लिए वरिष्ठों से दबाव आने की बात कही है । यह सत्य है तो गोवा के तत्कालीन गृहमंत्री रवी नाईक पर अपराध प्रविष्ट करने के लिए कुछ संगठनों ने कदम उठाए हैं ।

३. इस प्रकरण में हम विस्तृत पूछताछ कर रहे हैं । शीघ्र ही पत्रकारों के माध्यम से हमारी भूमिका हम समाज के समक्ष रखेंगे ।

– श्री. चेतन राजहंस, प्रवक्ता, सनातन संस्था.