वारकरी संप्रदाय निश्चित रूप से सनातन के पीछे खडा है – ह.भ.प. अर्जुन महाराज पांचाळ

कॉ. पानसरे हत्या प्रकरण

‘सनातन संस्था पर संभाव्य प्रतिबंध’ के विरोध में संभाजीनगर में विशाल फेरी

सनातन संस्था को समर्थन देनेवाले हिन्दुत्वनिष्ठोंका आभार !

फेरी में उपस्थित हिंदुत्ववादी

संभाजीनगर (महाराष्ट्र) : यदि भविष्य में भी सनातन संस्था के समर्थन में फेरी का आयोजन किया गया, तो वारकरी संप्रदाय भारी संख्या में अपनी ‘दिंडी’ (यात्रा) के साथ उपस्थित रह कर सनातन को समर्थन देगा। सनातन पर प्रतिबंध लगाया जाना निश्चित रूप से असंभव है !

मराठवाडा वारकरी संप्रदाय के सचिव ह.भ.प अर्जुन महाराज पांचाळ ने ऐसे आश्वासक उद्गार व्यक्त किए।

कॉ. गोविंद पानसरे की हत्या प्रकरण में सनातन के एक साधक को बंदी बनाए जाने के कारण से सनातन को ‘आतंकवादी संगठन’ सिद्ध कर उस पर प्रतिबंध लगाने हेतु तथाकथित पुरोगामि लोग उधम मचा रहें हैं। इस पार्श्वभूमि पर यहां १८ अक्टूबर को सनातन संस्था पर संभाव्य प्रतिबंध के विरुद्ध विविध हिन्दुत्वनिष्ठ संगठन एवं धार्मिक संगठनोंके साथ विशाल फेरी का आयोजन किया गया था। इस अवसर पर वे बोल रहे थे।

फेरी में २५० धर्माभिमानी उपस्थित थे। साथ ही सनातन संस्था के पू. नंदकुमार जाधव की भी वंदनीय उपस्थिति रही।

इस अवसर पर राष्ट्रीय वारकरी सेना के ह.भ.प. अरुण महाराज पिंपळे, श्री छत्रपति गोरक्षक दल के सचिव श्री. अनिल अर्डक, वारकरी संप्रदाय के ह.भ.प. अण्णा महाराज देशटवार, ब्राह्मण महासंघ के श्री. गोविंद कुळकर्णी, स्वातंत्र्यवीर सावरकर मित्र मंडल के संस्थापक अध्यक्ष श्री. भाऊ सुरडकर, विश्‍व हिन्दू परिषद के धर्मप्रसारप्रमुख श्री. सुभाष कुमावत, योग वेदांत सेवा समिति के श्री. गौतम तांबोळी, संतश्री आसारामजी बापू संप्रदाय की श्रीमती ज्योतिताई शिंदे, गोमाता रक्षक दल के श्री. रवी जाधव, हिन्दू जनजागृति समिति की कु. प्रियांका लोणे आदि मान्यवर उपस्थित थे।

संत एवं मान्यवरोंके विचार

सर्व शक्तिमान ईश्‍वर सनातन का कार्य बंद

नहीं होने देगा – पू. नंकुमार जाधव, धर्मप्रसारप्रमुख, सनातन संस्था

मडगाव बमविस्फोट के समय तथा डॉ. दाभोलकर हत्या के प्रकरण के समय भी सनातन पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई थी; परंतु जांच के अंत मे कुछ भी निष्पन्न न होने के कारण प्रतिबंध नहीं लगाया जा सका। धर्मद्रोही एवं तथाकथित पुरोगामि चाहे कितना भी शोर मचाये, तब भी वे सनातन संस्था पर प्रतिबंध नहीं ला सकेंगे; क्यों कि इन सभी से ‘शक्तिमान’ ईश्‍वर है एवं सनातन का कार्य ‘ईश्‍वरीय कार्य’ है। इसीलिए ईश्‍वर यह कार्य कदापि बंद नहीं होने देगा।

हिन्दू प्रेमियो, संगठित हो कर धर्मद्रोहियोंके षडयंत्र को

उत्तर दें – श्रीमती ज्योतिताई शिंदे, संतश्री आसारामजी बापू संप्रदाय

आज अपने संतोंके विरुद्ध षडयंत्र रचा कर उनकी अपकीर्ति की जा रही है तथा उन्हें कारागृह में बंदी भी बनाया जा रहा है। पूज्यपाद संतश्री आसारामजी बापू ने ५० वर्ष से अधिक समय लोगोंका उद्धार करने हेतु कार्य किया। संतोंद्वारा लगाई गई ज्योत इन तुफानोंसे (धर्मद्रोहियोंके षडयंत्र से) नहीं बुझेगी। हिन्दुप्रेमियोंको अब संगठित होकर धर्मद्रोहियोंके षडयंत्र का उत्तर देना चाहिए।

सनातन पर प्रतिबंध लगाया जाना निश्चित रुप से

असंभव है – भूतपूर्व न्यायाधीश श्री. सुधाकर चपळगावकर

कॉ. गोविंद पानसरे की हत्या के उपरांत पुलिसद्वारा किए गए अन्वेषण के अंत में उहोंने कहा कि, हमारे पास कोई तांत्रिक प्रमाण नहीं हैं। संदिग्ध श्री. समीर गायकवाडद्वारा हत्या की गई, ऐसा कहना असंभव है एवं यह सनातन का साधक है, इन तीन विधानोंसे भ्रमित हो कर सनातन की अकारण अपकीर्ति की गई; परंतु सनातन पर प्रतिबंध लगाया जाना कदापि संभव नहीं है। यह केवल हिन्दुत्वनिष्ठ संस्थाओंको नष्ट करने का षडयंत्र है !

क्षणिकाएं

१. फेरी में महिलाओं का सहभाग उल्लेखनीय था !

२. ‘सनातन प्रभात’ के वाचक श्री. भरत साहू ने फेरी के मार्ग पर धर्मप्रेमियोंके लिए पानी की व्यवस्था की !

३. फेरी में संतश्री आसारामबापू संप्रदाय के भक्तोंकी भारी संख्या में उपस्थिती !

४. जालस्थल के माध्यम से सनातन के संपर्क में आए वैजापुर के धर्माभिमानी श्री. प्रसाद वळेकर ८५ कि.मी. की यात्रा कर फेरी में उपस्थित हुए !

५. फेरी के अंत में पुलिसद्वारा फेरी का चित्रीकरण किया गया !

स्त्रोत : दैनिक सनातन प्रभात

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“Satpatre daanam”